महंगाई से राहत की उम्मीद, मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा अतिरिक्त DA
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में पेंशनरों की महंगाई राहत दो प्रतिशत बढ़ाने के बाद अब सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाएगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीपावली के पहले या फिर एक नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव में कर सकते हैं।
भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए जुलाई से महंगाई भत्ता 55 से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे लागू कर दिया है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा सहित अन्य संगठन भी प्रदेश में महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
अभी 55 प्रतिशत मिल रहा है महंगाई भत्ता
प्रदेश के सभी सात लाख नियमित कर्मचारियों को वर्तमान में 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। भारत सरकार के इसमें तीन प्रतिशत की वृद्धि के निर्णय के बाद प्रदेश में भी महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग उठ रही है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत में दीपावली के पहले जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत की वृद्धि के साथ जुलाई से सितंबर तक का एरियर देने की मांग की है।
मोर्चे में शामिल सभी संगठनों की प्रांतीय बैठक दीपावली के बाद भोपाल में बुलाई जाएगी जिसमें लंबित मांगों पर चर्चा कर आगामी कार्य योजना तैयार की जाएगी।
बजट में 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रविधान
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट में महंगाई भत्ता और राहत के लिए 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रविधान रखा गया है। अभी 55 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जा रहा है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय प्रविधान उपलब्ध हैं।
नीतिगत मामला होने के कारण निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से ही होगा। इसके बाद ही महंगाई राहत में वृद्धि छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति के लिए पत्र भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम में पेंशनरों के संबंध में निर्णय लेने से पहले दोनों राज्यों के बीच सहमति का प्रविधान है।
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