जहरीले कफ सिरप मामले में अब तक 5 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी, SIT ने चेन्नई में डाला डेरा
छिंदवाड़ा: एक महीने से चल रहे कफ सिरप कांड के बाद गुरुवार को जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह छिंदवाड़ा पहुंचे और उन्होंने परिजनों से मिलने के साथ ही कलेक्टर कार्यालय में समीक्षा बैठक ली. साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री सहायता कोष से स्वीकृत की गई राशि उनके खाते में पहुंच चुकी है या नहीं इसकी जानकारी भी ली. लगातार कांग्रेस बीजेपी पर सवाल उठा रही थी कि अभी तक प्रभारी मंत्री लापता क्यों हैं.
अधिकारियों से पूछा-सीएम के निर्देश पर क्या हुई कार्रवाई
जिले में कफ सिरप से मासूमों की मौत पर प्रभावित परिवारों के दुःख में शामिल होने बीते दिनों मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव छिंदवाड़ा पहुंचे थे. उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाहियों के सम्बन्ध में निर्देश दिए गए थे. उनके निर्देशों में जिले में अभी तक क्या-क्या कार्यवाहियां की गई हैं, उनकी समीक्षा के लिए प्रदेश के लोक निर्माण विभाग एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह छिंदवाड़ा पहुंचे. बैठक के पहले उन्होंने परासिया क्षेत्र में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.
दोबारा ना घटे ऐसी दुखद घटना
प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने कफ सिरप मामले में जिले में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली. कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने बताया कि, ''मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करते हुए पहले के सभी प्रकरणों में मुख्यमंत्री सहायता कोष से 4 - 4 लाख रुपए की राशि परिजनों के खाते में पहुंच चुकी है. बाकि में कार्यवाही जारी है. सीएम के छिंदवाड़ा दौरे के दौरान दिए गए निर्देशानुसार नागपुर में इलाजरत बच्चों के इलाज के लिए 1-1 लाख रूपये की राशि उसी समय स्वीकृत कर दी गई थी, इलाज की बाकी राशि का भुगतान भी परिजनों को नहीं करना पड़ा है. जिला प्रशासन द्वारा सीधे सभी अस्पताल से बिल लेकर पैमेंट किया जा रहा है.
99 प्रतिशत कफ सिरप किए गए बरामद
प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि, ''टीम बनाकर घर-घर सर्वे, मुनादी, दवा दुकानों की रिकॉर्ड चेकिंग करने के बाद मार्केट में उपलब्ध 99 प्रतिशत कफ सिरप की ट्रैकिंग की जा चुकी है. जिले में मौजूद लगभग 68 तरह के कफ सिरप भी जांच के लिए टेस्टिंग लैब भेजे गए हैं.'' प्रभारी मंत्री ने इलाज के सभी बिलों का पैमेंट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा कि इस तरह की दुखद घटना दोबारा न घटे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सहित सभी अधिकारी पूरी तरह सजग व सक्रिय रहकर जिम्मेदारी से अपना काम करें.
अब-तक 5 लोगों की हुई गिरफ्तारी
एसपी अजय पांडे ने बताया कि, ''5 अक्टूबर को मुकदमा कायम कर दिया गया था. एसआईटी का गठन कर 6 तारीख को ही टीम रवाना कर दी गई थी. संबंधित फार्मा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर परासिया लाया गया था. इसके पहले डॉ. प्रवीण सोनी को भी हिरासत में ले लिया गया था. फिलहाल एसआईटी चेन्नई में है. छिंदवाड़ा के जिस थोक व्यापारी और रिटेलर द्वारा सिरप के सम्बन्ध में प्रॉपर हिसाब किताब नहीं दिया गया था, उन दोनों को भी आरोपी बनाकर हिरासत में लिया गया है. कल शाम को ही संबंधित फार्मा कंपनी के केमिकल एनालिस्ट को भी पुलिस रिमांड पर लिया गया है. इस तरह से अभी तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. टीम अभी भी वहीं पर है, और जल्द ही और लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी.''
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