भारतीय टीम तक पहुंचने में छह साल लगने का लाभ मिला : अभिषेक
एशिया कप क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी और सबसे अधिक रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे अभिषेक शर्मा आज एक बड़े स्टार बनकर उभरे हैं पर उन्हें यहां तक पहुंचने में छह साल का लंबा समय लग गया। वहीं अभिषेक के ही साथ 2018 अंडर-19 विश्वकप में रहे शुभमन गिल, पृथ्वी शॉ काफी पहले ही भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे। दूसरे ओर अभिषेक को छह साल का लंबा समय लग गय। इसको लेकर इस बल्लेबाज को कोई अफसोस नहीं है। अभिषेक ने कहा कि इतना लंबा समय लगने से उन्हें उल्टे लाभ ही हुआ। इस बल्लेबाज के अनुसार इस दौरान घरेलू क्रिकेट खेलने से उनकी बल्लेबाजी मजबूत हो गयी।
अभिषेक ने माना है कि धीमी रफ्तार से आगे बढ़ना उनके लिए लाभप्रद रहा। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ खिलाड़ी सीधे टीम में आ गए। कुछ सब कुछ करते हैं और मुझे लगा कि मुझे भी ऐसा ही करना चाहिये। एक खिलाड़ी होने के नाते अगर मैं सीधे टीम में आ जाता तो वह सब सीखने का अवसर नहीं मिलता जो मैंने घरेलू क्रिकेट से सीखा।’’
इससे उन्हें अपने कौशल को निखारने और अपने खेल के बारे में और जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कई चीजें आजमाने के लिये काफी समय मिल गया। मैंने अपने खेल पर काफी काम किया और आम तौर पर कई खिलाड़ियों को इसका मौका नहीं मिलता। वहीं मेरे पास समय था तो मैं यह कर सका।’’
अभिषेक ने पाक के खिलाफ दो मैचों में 200 से अधिक की स्ट्राइक रेट से रन बनाये। इस सफलता का श्रेय उन्होंने कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव को दिया है। साथ ही कहा कि कोच और कप्तान ने ही उन्हें जोखिम लेने की आजादी देते हुए अपने अनुसार खेलने को कहा था। दी। इससे उनका मनोबल बढ़ा जिसके कारण ही वह बेहतर प्रदर्शन कर पाये।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल