इंदौर हादसा: स्पार्क से धधकी स्कूल बस, कुछ ही मिनटों में आग ने लिया भीषण रूप, बच्चों को समय पर निकाला गया
इंदौर: एमपी के इंदौर में शनिवार सुबह बड़ा हादसा टल गया। एक स्कूल बस में अचानक आग लग गई। बस में करीब 10 बच्चे सवार थे। आग लगने के बाद बच्चे डर के कारण चीखने लगे। हालांकि ड्राइवर और स्टाफ की सूझबूझ से सभी बच्चे सकुशल बस से उतार लिए गए। हादसे में बस पूरी तरह जल गई है। इंदौर के सांवेर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया। पंच डेरिया गांव के पास उस समय हुई जब सर्व विकास स्कूल की बस बच्चों को लेकर धरमपुरी जा रही थी। जानकारी अनुसार बस के इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा, जिसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। बस चालक ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे एक निर्माणाधीन कॉलोनी के खुले मैदान में रोक दिया और सभी बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
भीषण आग, कुछ ही पल में बस स्वाहा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में पूरी बस आग के गोले में तब्दील हो गई और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। पास की ट्रेजर कॉलोनी में काम कर रहे लोगों ने ट्यूबवेल के पाइप से आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से स्कूल बस की खस्ता हालत और फिटनेस को लेकर प्रबंधन से शिकायत कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सभी बच्चे सुरक्षित, सतर्कता से टला हादसा
सांवेर पुलिस थाना प्रभारी, गिरजा शंकर महोबिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चालक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा, जैसे ही इंजन से धुआं निकला, चालक ने समझदारी दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग तेजी से फैली, लेकिन सौभाग्य से सभी बच्चे सुरक्षित हैं। पुलिस और परिवहन विभाग मामले में जांच कर रहा है। शुरूआती तौर पर आग लगने का कारण बस के पुराने इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट या डीजल लीकेज बताया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश
कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा; FY26 में PhonePe के वित्तीय नतीजे चौंकाने वाले