पितृ पक्ष मेले में आए 30 लाख श्रद्धालु, 16 दिनों में हुआ 600 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार
गयाजी। विश्व प्रसिद्ध मोक्ष की भूमि गयाजी में 16 दिवसीय पितृ पक्ष महासंगम का समापन हो गया। इस साल 6 सितंबर से शुरू हुए मेले का समापन 21 सितंबर को हुआ। इस साल अनुमानित 600 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार हुआ। पूजा सामग्री, होटल व्यवसाय, टूर एंड ट्रेवल्स, भोजन और पटवा टोली के कपड़े की बिक्री सबसे अधिक रही। सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स गयाजी के उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार भदानी ने कहा कि सिर्फ तीन सेक्टरों में ही लगभग 350 से 400 करोड़ का कारोबार हुआ। इसमें बर्तन, विशेषकर पीतल के बर्तन, पूजा सामग्री में सबसे ज्यादा बिके। इस बार पीतल का भाव 700 से 900 रुपए प्रति किलो रहा। एक अनुमान के अनुसार करीब 30 लाख श्रद्धालु गयाजी आए, जिससे भोजन से संबंधित कारोबार 90 से 100 करोड़ तक पहुंचा। पूजा सामग्री और बर्तन में भी 100 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। दान-दक्षिणा जोड़ने पर यह आंकड़ा 200 करोड़ तक पहुंच गया। मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन आभूषण और सोने-चांदी का दान देने की परंपरा निभाई जाती है। होटल संगठन के महासचिव सुदामा कुमार के अनुसार इस बार होटल और टूर एंड ट्रेवल्स का कारोबार लगभग 75 करोड़ रहा। हालांकि पिछले साल की तुलना में कमी दर्ज की गई क्योंकि बड़ी संख्या में पिंडदानी धर्मशालाओं और प्रशासनिक टेंट सिटी में ठहरे। पिंडदानियों की आवाजाही से स्थानीय स्तर पर गाड़ियों की बुकिंग भी खूब रही। चार पहिया वाहन, ऑटो और टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों की आय बढ़ी। सिर्फ ट्रांसपोर्टिंग में ही लगभग 50 लाख का कारोबार हुआ।
* इस साल वीवीआईपी और विदेशों से खूब आए पिंडदानी
इस साल 520 से अधिक वीवीआईपी गयाजी पहुंचे, जिनमें राष्ट्रपति, उद्योगपति मुकेश अंबानी और कई राज्यों के मंत्री शामिल रहे। विदेशों से भी 40 पिंडदानी आए और पिंडदान किया। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि पहली बार काउंटिंग मशीन से श्रद्धालुओं की गिनती की गई। आंकड़े के अनुसार 30 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासन ने 75 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की, जिसमें 2500 बेड वाला टेंट सिटी भी शामिल था। स्वास्थ्य विभाग ने मेले के दौरान 1 लाख 25 हजार लोगों को मुफ्त चिकित्सा दी। सामाजिक संगठनों ने भी सेवा केंद्र चलाए। 8 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं को मुफ्त टोटो रिक्शा सेवा और 2.5 लाख श्रद्धालुओं को गंगाजल उपलब्ध कराया गया।
* सुरक्षा का रहा अभूतपूर्व इंतजाम
इस साल गयाजी में पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने कहा कि सुरक्षा के लिए 6 हजार पुलिस बल लगाया गया था। राष्ट्रपति समेत कई वीवीआईपी के आने के बावजूद श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं हुई। प्रशासन और पुलिस कर्मियों के सेवा भाव की हर जगह सराहना हुई।
विजय थलापति के बाद अब धनुष? वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
शिवकुमार के बयान पर बीजेपी आक्रामक, पेपर लीक मुद्दे पर शुरू हुआ नया विवाद
रिलीज से पहले बदला प्लान, पंकज त्रिपाठी की फिल्म पर निर्देशक अमित राय का बड़ा बयान
मूंग खरीदी को लेकर छिड़ा लेटर वॉर, केंद्र-एमपी सरकार के बीच बढ़ी तकरार
शताब्दीपुरम में अतिक्रमण हटाने पहुंचा JDA, विधायक के आने से मचा हंगामा; अध्यक्ष ने दिया बयान
4 वरिष्ठ IFS अधिकारियों के रिटायरमेंट से वन विभाग में बढ़ेगी अधिकारियों की कमी
संसद में एंटी पेपर लीक बिल के बीच राहुल गांधी का वार, मोदी सरकार के लिए बढ़ी चुनौती
जिम्बाब्वे में जीत के बाद अब नई चुनौती, जानिए दिसंबर तक टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल
रामगढ़ ताल में बोट हादसे से सनसनी, दो नावों की टक्कर में एक पर्यटक की मौत