मध्य प्रदेश की धरती उगलेगी सोना, 1.33 लाख टन गोल्ड का भंडार मिला, सिंगरौली बनेगा हब
भोपाल: मध्य प्रदेश की धरती जल्द ही सोना उगलने जा रही है. यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मध्य प्रदेश में सोने का एक बड़े भंडार का अनुमान लगाया गया है. मध्य प्रदेश के मिनरल के मामले में सबसे समृद्ध जिला सिंगरौली जल्द ही गोल्ड के भंडार के मामले में विश्व भर में प्रतिष्ठित हो रहा है. प्रदेश में पहली बार सिंगरौली स्थित चकरिया गोल्ड ब्लाॅक के स्वर्ण खनन पट्टे का निष्पादन कर दिया गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा है कि, ''मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है और प्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.''
1.33 लाख टन स्वर्ण भंडार का अनुमान
सोने के भंडार के खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चकरिया गोल्ड ब्लाॅक का ई-नीलामी के जरिए प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है. चकरिया गोल्ड ब्लाॅक 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. इस ब्लॅक में थोड़ा बहुत नहीं, बल्कि 1 लाख 33 हजार 785 टन सोने के भंडार का अनुमान लगाया गया है. अनुमान है कि इसके खनन से 1 लाख 76 हजार 600 ग्राम सोने की रिकवरी हो सकती है. सोने के खनन के लिए खनिज विभाग ने सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां भी प्राप्त कर ली हैं.
4 दूसरे गोल्ड ब्लाॅक की हो चुकी नीलामी
मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा कि, ''प्रदेश में सोने और दूसरे खनिज के मामले में जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं. इसको लेकर लगातार खोज की जा रही है. इसी का ही नतीजा है कि कटनी और सिंगरौली में खनिजों को लेकर सकरात्मक संकेत मिले हैं. प्रदेश में अभी तक 4 दूसरे गोल्ड ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं. इनमें गुहर पहाड़, इमलिया, ईस्टर्न एक्सटेंशन आफ सोनकुरवा और अम्लीय वाह हैं. प्रदेश के प्रयासों और केन्द्र के सहयोग से मध्य प्रदेश खनिज के क्षेत्र में तेजी से उभरा है और देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान मध्य प्रदेश ने खींचा है.''
मुख्यमंत्री बोले- प्रदेश में स्वर्ण खनिज में जबरदस्त संभावना
मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने स्वर्ण खनन की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने को लेकर कहा कि, ''प्रदेश में सोने और दूसरे खनिज के मामले में जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं. इससे मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास में नए पंख लगेंगे. खनिज साधन के अलावा मध्य प्रदेश कई दूसरे औद्योगिक क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है. खास तौर से रिफाइनिंग, लाॅजिस्टिक सहित दूसरे उद्योगों में निवेश आए और प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को और मजबूरी मिलेगी.''
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