GE से तेजस Mk1A के इंजन की डिलीवरी तेज, अक्टूबर से हर महीने दो इंजन
तेजस Mk2: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की नई तैयारी, पाकिस्तान को बड़ा झटका
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के वायुसेना ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद अब भारत रक्षा क्षमता को और मजबूत करने में जुट गया है। भारतीय वायुसेना के तेजस Mk1A लड़ाकू विमान के लिए अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से इंजन डिलीवरी तेज हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, GE ने दो इंजन भारत को सौंप दिए हैं और तीसरा इंजन इसी महीने मिलेगा। अक्टूबर से हर महीने दो इंजन मिलने लगेंगे। शुरुआती 99 इंजनों के ऑर्डर पर सहमति बन चुकी है और 97 और तेजस Mk1A विमानों के लिए बातचीत चल रही है।
इसके साथ ही भारत, अमेरिका से AMCA और तेजस Mk2 विमानों के लिए F414 इंजन खरीदने पर भी बातचीत कर रहा है, जिसकी तकनीकी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। सौदा कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को लगभग 4,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें एफ-16 ब्लॉक 52 के चार फाइटर जेट (करीब 350 मिलियन डॉलर का नुकसान) और शाहीन क्लास की दो मिसाइलें (8 मिलियन डॉलर का नुकसान) शामिल हैं।
अमेरिका से रक्षा सौदे जारी
सरकारी सूत्रों ने रॉयटर्स की उस रिपोर्ट को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत, अमेरिका से हथियार खरीद रोक सकता है। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि वाशिंगटन के साथ सभी रक्षा सौदे योजना के अनुसार चल रहे हैं। अमेरिकी टीम अगले महीने भारत आकर रक्षा खरीद पर बातचीत करेगी, जिसमें नौसेना के लिए 6 और P8I विमान खरीदने पर भी चर्चा होगी।
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