भारत-चीन-रूस की बढ़ती नजदीकी से घबराया अमेरिका...राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने चेताया
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर थोपे जा रहे टेरिफ ने अमेरिकियों की चिंता बढ़ा दी है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका के पाले से निकलकर भारत चीन-रूस के करीब होता जा रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि ट्रम्प की नीतियों से भारत, अमेरिका से दूर होता जा रहा है। उन्होंने ट्रम्प सरकार की टैरिफ नीतियों को भारी भूल बताया और कहा कि अमेरिका ने रूस और चीन को भारत से दूर रखने के लिए कई साल से कोशिश की थी लेकिन अब वह कोशिश कमजोर पड़ चुकी है।
बोल्टन ने आशंका जाहिर की है कि रूस को कमजोर करने के लिए भारत पर लगाया गया एक्स्ट्रा टैरिफ कहीं उल्टा न पड़ जाए। इससे भारत, रूस और चीन के करीब आ सकता है। बोल्टन ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाने का मकसद रूस को नुकसान पहुंचाना है, लेकिन नतीजा यह हो सकता है कि भारत, रूस और चीन एकजुट होकर इन टैरिफ का विरोध करें।
दोस्त-दुश्मन पर एक जैसा टैरिफ लगाना गलती
जॉन बोल्टन ने पहले भी अमेरिकी अखबार द हिल में लिखा था कि व्हाइट हाउस टैरिफ और अन्य शर्तों में चीन के प्रति भारत से ज्यादा नरमी दिखा रहा है, जो कि एक गंभीर गलती होगी। उनके मुताबिक, ‘दोस्त और दुश्मन दोनों पर एक समान टैरिफ लगाने’ से अमेरिका का वो भरोसा और आत्मविश्वास कमजोर हुआ है, जिसे बनाने में दशकों लगे थे, और बदले में बहुत कम आर्थिक फायदा मिला है, जबकि बड़े नुकसान का खतरा बढ़ गया है। बोल्टन ट्रम्प के पिछले कार्यकाल में अमेरिकी सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। वे पिछले कुछ महीनों से ट्रम्प की नीतियों की लगातार आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि अमेरिकी सरकार बिजनेस और सुरक्षा के मुद्दों को अलग-अलग तरीसे से देख रही है, जबकि भारत जैसे देशों के लिए दोनों चीजें जुड़ी हुई हैं। अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ क्रिस्टोफर पैडिला ने भी चेतावनी दी कि यह टैरिफ भारत-अमेरिका संबंधों को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। भारत हमेशा अमेरिका को शक की निगाह से देखेगा और कभी भी इन टैरिफ को नहीं भूलेगा।
अमेरिका में भी विरोध
ट्रम्प भारत पर अब तक 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने 30 जुलाई को 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जो 7 अगस्त से लागू हो गया है। वहीं, 6 अगस्त को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और बढ़ा दिया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। अमेरिका में भी ट्रम्प के इस कदम की आलोचना हो रही है। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स ने चेतावनी दी कि यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है। कमेटी के मेंबर ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि ट्रम्प का यह टैरिफ फैसला भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को कमजोर कर सकता है।
टैरिफ से रोज करोड़ों डॉलर आ रहे
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया था कि टैरिफ से शेयर बाजार में जबरदस्त बढ़ोतरी हो रही है और हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। साथ ही, सैकड़ों अरब डॉलर देश की तिजोरी में आ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर कहा कि अगर किसी अतिवादी वामपंथी कोर्ट ने इस वक्त टैरिफ के खिलाफ फैसला सुनाया तो इतनी बड़ी रकम और सम्मान को वापस पाना मुश्किल होगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ऐसा फैसला 1929 की तरह महामंदी ला सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो जाएगी। ट्रम्प ने दावा किया कि वह कोर्ट सिस्टम को सबसे अच्छे से समझते हैं और इतिहास में कोई भी उनकी तरह चुनौतियों से नहीं गुजरा।
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