अब ठेला-ऑटो की नहीं जरूरत: शव को सम्मानपूर्वक ले जाने के लिए सरकार देगी वाहन सुविधा
दमोह : दमोह जिले अब गरीब और ग्रामीण परिवारों को अपने मृत परिजनों के शव को घर ले जाने के लिए भारी भरकम किराया नहीं देना पड़ेगा, क्योंकि दमोह जिले को शासन की ओर से दो नए शव वाहन (मरचुरी वैन) उपलब्ध कराए गए हैं। यह सेवा निशुल्क उपलब्ध होगी। अभी तक ग्रामीण इलाकों के लोगों को शव ले जाने के लिए निजी एम्बुलेंस पर निर्भर रहना पड़ता था, जो दो हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक वसूलते थे। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ता था। कई बार शव समय पर घर नहीं पहुंचने की वजह से अंतिम संस्कार दूसरे दिन करना पड़ा, लेकिन अब सरकारी वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।
एक शव वाहन जिला अस्पताल में रहेगा, जबकि दूसरे को हटा या फिर जिले के किसी अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात किया जाएगा। खास बात यह है कि शव वाहन 108 एम्बुलेंस की तर्ज पर बनाए गए हैं। हालांकि शहर में कुछ समाजसेवी द्वारा न्यूनतम दर पर केवल डीजल खर्च पर भी शव वाहन की सेवा उपलब्ध है, लेकिन जानकारी न होने से सभी गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है, जिसका फायदा निजी एम्बुलेंस चालक उठाते थे।
कई बार हाथ ठेलों पर शव ले जाते हैं परिजन
पूर्व में कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं। जिसमें परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से लोगों को अपने-अपने मृत परिजनों को ऑटो या माल वाहक से शव ले जाना पड़ा था। वहीं, शहर में भी करीब एक साल पहले ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जिसमें कुछ लोग अपने मृत परिजनों को हाथ ठेले पर ले जाते नजर आए, लेकिन अब लोगों को इस तरह की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। शासन ने दो वाहन जनसेवा के लिए उपलब्ध करा दिए हैं।
निशुल्क उपलब्ध होंगे वाहन
सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या का कहना है कि शासन द्वारा दमोह जिले के लिए दो बड़े शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे मृतकों के शव को निःशुल्क ले जाया जा सकेगा। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। जिसका शुभारंभ शनिवार से किया गया। एक वाहन जिला अस्पताल में रहेगा, जबकि दूसरे को कहां रखा जाएगा, यह एक-दो दिन में तय हो जाएगा।
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