छात्रों की थाली में गंदगी! FSSAI शिकायत पर मेडिकल कॉलेज मेस में रेड
खंडवाः जिले के एक मेडिकल कॉलेज की मेस में गंदगी और बदहाल व्यवस्थाओं की शिकायत पर एक्शन हुआ। खंडवा खाद्य सुरक्षा विभाग ने कॉलेज की मेस में छापामार कार्रवाई की थी। यह छापा तब मारा गया जब मेडिकल कॉलेज के हीं छात्रों ने सीधे भारतीय खाद्य संरक्षा-मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई। फूड सेफ्टी टीम की कार्रवाई के दौरान मेस में कई प्रकार की लापरवाही सामने आई। रसोई में भारी गंदगी और खाद्य सामग्री की अव्यवस्थित स्थिति में थे। राशन के सामान में कीड़े-मकोड़े दिखाई दिए। इस पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। मेडिकल कॉलेज के डीन संजय दादू ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।
छात्रों की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई
लंबे समय से खंडवा मेडिकल कॉलेज के छात्र मेस में साफ-सफाई की कमी और घटिया गुणवत्ता के भोजन को लेकर परेशान थे। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।, तब छात्रों ने सीधे एफएसएसएआई नई दिल्ली में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत की जानकारी दिल्ली से जिला कलेक्टर को मिली।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा और राधेश्याम गोले की टीम ने कॉलेज पहुंचकर कार्रवाई शुरू की जो देर रात्रि तक चली।
जांच में सामने आईं चौंकाने वाली अव्यवस्थाएं
मेडिकल कॉलेज की मेस में कई घंटे तक चली इस जांच में मेस के भीतर गंदगी का आलम देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। रसोई के कोनों में कीड़े-मकोड़े रेंग रहे थे। आटे की बोरियों के पास भी कीड़े पाए गए। आटे की लोई को गंदे बोरे से ढंका हुआ था। खाना बनाने वाले बर्तनों से दुर्गंध आ रही थी। साथ ही बर्तन धोने का स्थान भी बेहद गंदा था।
मेस का लाइसेंस भी एक्सपायर
जांच में एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई जिसमें मेडिकल कॉलेज की साठ गांठ भी तौर पर दिखाई दे रही है। भोजन तैयार करने वाले स्टाफ के पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं थे, जबकि यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनिवार्य है। साथ ही, खाना बनाने वाली रेवा फूड सर्विसेज का मेस का फूड लाइसेंस भी दो महीने पहले ही समाप्त हो चुका था।
मिलावट की जांच के लिए सैंपल जब्त
खाद्य सुरक्षा टीम ने मेस में रखी खाद्य सामग्री का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान खुली अवस्था में हल्दी पाउडर और मिर्च पाउडर पाए गए। कुछ मिठाइयों में चीटियां भी लगी हुई थी। अधिकारियों ने इन सामग्रीयों को जब्त कर नमूने लिए और इसे जांच के लिए भोपाल लैब भेज दिए। खाद्य सामग्री की अव्यवस्थित स्थिति और दुर्गंध वाले बर्तनों पर टीम ने मेस प्रबंधन को जबरदस्त फटकार भी लगाई। छापा मारने आई खाद्य सुरक्षा की टीम ने कहा यह सब कुछ बच्चों को बीमार करने वाली व्यवस्थाएं थी।
मेस संचालक को नोटिस जारी
जांच के दौरान पता चला कि मेस 'रेवा फूड सर्विसेस' के नाम से संचालित की जा रही थी, जिसे मैनेजर कमलेश मालवीय देख रहे थे। जब अधिकारियों ने फूड लाइसेंस दिखाने को कहा, तो वह भी समाप्त पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने संचालक को नोटिस जारी कर सफाई व्यवस्था सुधारने और लाइसेंस नवीनीकरण के निर्देश दिए।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि खाद्य सामग्री के नमूनों की रिपोर्ट भोपाल लैब से आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसी जगह पर इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने मेस प्रबंधन को चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने पर अब कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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