'मंडला मर्डर्स' में नए अवतार में दिखेंगी वाणी कपूर, कहा- कंफर्ट जोन से बाहर आना आसान नहीं था
मुंबई : वाणी कपूर ने साल 2013 में फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' से इंडस्ट्री में डेब्यू किया। तब से उन्होंने कई ग्लैमरस रोल किए हैं। अब इस साल उन्होंने ओटीटी डेब्यू किया है और पहली सीरीज से ही वे छा गई हैं। सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर यशराज फिल्म्स की वेब सीरीज 'मंडला मर्डर्स' में वाणी के काम की काफी तारीफें हो रही हैं, जो बीते हफ्ते नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई। अभिनेत्री ने बताया कि यह रोल करते हुए वे अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलीं, जो आसान नहीं था।
वाणी के करियर के नए चैप्टर की शुरुआत
वाणी सीरीज में सीबीआई ऑफिसर रिया थॉमस के रोल में दिखी हैं। 'मंडला मर्डर्स' के जरिए वाणी ने करियर के नए चैप्टर की शुरुआत की है। इस बीच उन्होंने बॉलीवुड में अपने संघर्ष के दौर के बारे में बात कीं। बॉलीवुड फिल्मों में कई वर्ष से ग्लैमरस और रोमांटिक रोल करने वाली वाणी 'मंडला मर्डर्स' में एक अलग अवतार में नजर आई हैं। उनका कहना है कि यह बदलाव उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। मनीकंट्रोल के साथ बातचीत के दौरान जब वाणी से इस किरदार का चयन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह उनके पिछले हर किरदार से अलग था।
कंफर्ट जोन से बाहर निकलना मुश्किल रहा
रिया ने कहा कि उन्हें यह किरदार बिना इमोशन और लंबे-लंबे डायलॉग और नाटकीय हाव भाव के सिर्फ आंखों के जरिए अदा करना था। ऐसा करना इमोशनली और मेंटली थका देने वाला था, लेकिन इस चुनौती ने उन्हें आकर्षित किया। वाणी कपूर ने 'मंडला मर्डर्स' के लिए अपने कंफर्म जोन से बाहर निकलने की कोशिश की। वे बताती हैं कि निरंतरता सबसे मुश्किल हिस्सा था। आप किरदार के डिजाइन से बाहर नहीं निकल सकते। मगर, एक्शन सीक्वेंस, फिजिकल ट्रेनिंग और मानसिक आघात के बोझ ने उन्हें उनके कंफर्ट जोन से बाहर निकाल दिया।
खुद को दो साल का वक्त देकर मुंबई आईं वाणी
वाणी ने मुंबई में अपने शुरुआती संघर्षों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इंट्रोवर्ट होने के चलते दिल्ली से आने के बाद उनके लिए ग्लैमरस बॉलीवुड की दुनिया और उसके तौर-तरीकों में ढलना मुश्किल रहा। वे बिना किसी को जाने-पहचाने मुंबई आ गईं। यहां आकर उन्होंने खुद से कहा कि वे अपने इस सपने को एक-दो साल देंगी और अगर यह पूरा नहीं हुआ, तो वह आगे बढ़ जाएंगी।
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