फुटबॉलर से डब्यूडब्लयूई रेसलर बने गोल्डबर्ग
हाल में अपना अंतिम मुकाबला खेलने वाले डब्यूडब्लयूई रेसलर बिल गोल्डबर्ग शुरुआत में फुटबॉलर थे। गोल्डबर्ग का बचपन अमेरिका के तुलसा, ओक्लाहोमा में बीता। उन्होंने शुरुआत से लेकर हाई स्कूल तक फुटबॉल खेला। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया में भी फुटबॉल खेलते हुए टीम में अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में वह एनएफएल के अटलांटा फाल्कन्स की ओर से खेलने लगे। इस टीम से उन्होंने कई मैच खेले पर चोटिल होने के कारण उनका फुटबॉल करियर बीच में ही रुक गया। ऐसे में गोल्डबर्ग पर्सनल ट्रेनर बन गए। इसी दौरान उन्हें लैरी शार्प नाम के एक रेसलिंग ट्रेनर ने डब्यूडब्लयूई में किस्मत आजमाने को कहा। शार्प को गोल्डबर्ग में रेसलरों सी ताकत और एथलेटिक्स लुक नजर आया। गोल्डबर्ग ने शार्प की बात मानी और उनके रेसलिंग स्कूल मॉन्स्टर में प्रवेश ले लिया।
1990 के दशक में गोल्डबर्ग की चर्चाएं शुरु हो गयीं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप रेसलिंग में 173-0 की रिकॉर्ड जीत से लोकप्रिय हुए। वह अपनी ताकत और तेजी के लिए जाने जाते थे। गोल्डबर्ग 2003 में डब्यूडब्लयूई में शामिल हुए। वहां भी उन्होंने खूब नाम कमाया। 2018 में उन्हें डब्यूडब्लयूई हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। फुटबॉल में चोट लगने से गोल्डबर्ग का करियर समाप्त हुआ था पर उन्हें इससे रेसलिंग में आने का अवसर मिला। वह अपना अंतिम मुकाबला इजराइल में खेलना चाहते थे पर सैन्य तनाव के कारण ये मैच रद्द हो गया था। जिससे उन्हें काफी निराशा भी हुई । 58 साल के गोल्डबर्ग का यह आखिरी मैच तेल अवीव में होने वाला था जो बाद में इसी माह अटलांटा में हुआ।
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