बकरी चराते किसान की किस्मत खुली, ज़मीन से निकला प्राचीन खजाना!
डिंडोरी: जिले के जोगी टिकरिया गांव में एक गरीब आदिवासी किसान की किस्मत चमक गई। खेत में बकरी चराते समय उन्हें जमीन में गड़ा हुआ एक हंडा मिला। हंडे में पुरानी मुद्राएं और एक घंटी थी। डर के मारे उन्होंने हंडा एक कबाड़ी को दे दिया। बाद में पुलिस को सूचना मिली और उन्होंने हंडा बरामद कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना डिंडोरी-जबलपुर मार्ग पर हुई।
आदिवासी किसान को मिला खजाना
डिंडोरी जिले में एक दिलचस्प घटना सामने आई है। जोगी टिकरिया गांव में एक गरीब आदिवासी किसान को खजाना मिला है। किसान का नाम गणेश है और वह बकरियां चराता है। मंगलवार दोपहर को जंगल में उसे जमीन के नीचे कुछ दिखाई दिया। उसने उस जगह को खोदा तो उसे एक हंडा मिला। हंडे के अंदर बहुत सारी पुरानी मुद्राएं भरी हुई थीं।
डर गया गणेश
गणेश डर गया। उसे लगा कि हंडे में कोई बुरी शक्ति है। इसलिए उसने हंडा गांव के ही एक कबाड़ी को दे दिया। फिर उसने घर जाकर अपने परिवार को इस बारे में बताया। परिवार वाले तुरंत उस कबाड़ी के घर पहुंचे। उन्होंने हंडे में रखी मुद्राओं को देखा और उन्हें समझने की कोशिश की। आदिवासी किसान की चमकी किस्मत, खेत में मिल गया गड़ा हुआ खजाना
घर के बरामदे में छिपा दिया
कबाड़ी ने गणेश से हंडा ले लिया। उसने उसे घर के बरामदे में छिपा दिया। वह सुबह किसी सुनार या जानकार से उन मुद्राओं की पहचान कराना चाहता था।
ज्यादा संख्या में हैं मुद्राएं
मुद्राओं की संख्या बहुत ज्यादा थी। उन पर लाल मिट्टी लगी हुई थी। मिट्टी हटाने पर मुद्राओं पर कुछ लिखा हुआ दिखाई दिया। इससे पता चलता है कि ये मुद्राएं बहुत पुरानी हैं। मंगलवार दोपहर से लेकर देर रात तक जोगी टिकरिया गांव में इसी बात की चर्चा होती रही।
पुलिस ने शुरू की जांच
किसी ने पुलिस को भी मुद्रा मिलने की सूचना दे दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने कबाड़ी से हंडा बरामद कर लिया। पुलिस अब जांच कर रही है कि मुद्राएं किस धातु की बनी हैं। उन पर कौन सी भाषा लिखी है और वे कितनी पुरानी हैं।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल