पाकिस्तानी क्रिकेटर के एक सवाल पर झल्ला गए थे Dilip Doshi
नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स के हेडिंग्ले में खेले जा रहे पहले टेस्ट के आखिरी दिन से पहले क्रिकेट जगत के लिए बुरी खबर सामने आई। पूर्व भारतीय स्पिनर दिलीप दोषी का 77 साल की उम्र में लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह लंबे समय से लंदन में ही रह रहे थे।
बीसीसीआई ने पूर्व भारतीय दिग्गज के निधन पर शोक जताया है। इतना ही नहीं हेडिंग्ले टेस्ट में दोनों टीम काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरीं। दोनों टीमों ने 1 मिनट का मौन भी रखा।
गावस्कर ने सुनाया था किस्सा
दिलीप दोषी और पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के बीच मैदान पर अक्सर कहासुनी देखने को मिलती थी। दिलीप दोषी से जुड़ा एक किस्सा बहुत मशहूर है। इसे दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कपिल शर्मा शो पर सुनाया था।
अक्सर रूम नंबर पूछते थे
मियांदाद अक्सर मैच के दौरान दोषी से उनका रूम नंबर पूछते थे। शो में गावस्कर ने बताया था, मियांदाद शॉट खेलने के बाद दिलीप के पास जाते और उनसे पूछते, 'ऐ तेला लूम नंबर क्या है'। मियांदाद की आवाज में थोड़ा हकलापन था ऐसे मे वह रूम को लूम बोलते थे। जब जावेद ने काफी देर तक दोषी से यह सवाल किया तो अंत में उन्होंने पूछ ही लिया कि जानकार क्या करेगा। इस पर मियांददा ने कहा, वहां भी फील्डर लगा लो वहां तक सिक्स मारूंगा।
इंटरनेशनल क्रिकेट में दोषी का प्रदर्शन
- दिलीप दोषी ने सितंबर 1983 में पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु में टेस्ट डेब्यू किया था।
- उन्होंने अपने करियर में खेले 33 टेस्ट की 55 पारियों में 114 विकेट चटकाए।
- इस दौरान दोषी की औसत 30.71 की इकोनमी 2.25 की रही।
- टेस्ट में उन्होंने 6 बार 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा किया।
- इतना ही नहीं अपने करियर में खेले 15 वनडे में उन्होंने 22 शिकार किए थे।
- 4/30 एकदिवसीय में उनका बेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव