आखिर कहां मक्का बेचने पर किसानों को हो रहा फायदा?
पहली बार मक्का की खरीद का सरकारी प्रयास अभी किसानों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है। 15 जून से क्रय केंद्रों का संचालन शुरू होने के बाद भी अब तक 93 टन मक्का की ही खरीद की जा सकी है, वह भी 17 किसानों से। इसमें भी पहलेे आठ दिनों तक तो फसल बेचने के लिए एक भी किसान की आमद नहीं हुई थी।
वहीं किसानों के पंजीकरण की रफ्तार भी अभी गति नहीं पकड़ पाई है। जिसके बाद विभाग ने जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मक्का की खरीद के लिए 2225 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया है।
क्रय नीति के अनुसार 15 जून से शुरू हुई खरीद 31 जुलाई तक चलनी है, जो अलीगढ़, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, बदायूं, बुलंदशहर, इटावा, हरदोई, उन्नाव, कानपुर नगर, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, बहराइच, बलिया, अयोध्या, मीरजापुर, गोंडा, संभल व रामपुर में ही की जानी है।
इसके लिए कुल 150 क्रय केंद्र खोले जाने हैं, इनमें से 120 का संचालन शुरू किया जा चुका है, परंतु अभी किसान क्रय केेंद्रों तक आने में उत्साह नहीं दिखा रहे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 1377 किसानों द्वारा पंजीकरण कराया गया है और 17 किसानों से खरीद की गई है। सूत्रों के अनुसार शुरुआत में विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण में दिक्कत आ रही थी।
क्रय नीति देरी से जारी होने को इसकी वजह बताया जा रहा है। दूसरी तरफ खरीद का पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी नहीं हुआ है। हालांकि खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी पंजीकरण में समस्या न होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में खरीद सिलसिला तेज होगा।
ऐसे कर सकते हैं पंजीकरण
मक्का की खरीद केवल पंजीकृत किसानों से ही की जानी है। इसके लिए किसान विभागीय वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल एप UP KISAN MITRA पर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए किसान का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। टोल फ्री नंबर 18001800150 पर भी किसान इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
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