मणिपुर में फिर सत्ता की जंग? बीजेपी विधायकों की राज्यपाल से मुलाकात, 10 विधायक पहुंचे राजभवन!
इंफाल: मणिपुर में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन सकती है. यहां बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्यपाल से आज 10 विधायकों ने मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के खत्म होने की उम्मीद जगी है. जिन 10 विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की है उनमे बीजेपी के 8, एनपीपी के 1 और 1 निर्दलीय विधायक शामिल हैं. इन विधायकों ने इंफाल के राजभवन में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की.
लोकप्रिय सरकार का गठन-निशिकांत सिंह
राज्यपाल से मुलाकात के बाद निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत सिंह ने कहा, "लोग एक लोकप्रिय सरकार चाहते हैं और यही कारण है कि हम राज्यपाल से मिलने यहां आए हैं. हमने अन्य बातों पर भी चर्चा की, जैसे कि लोकप्रिय सरकार के गठन के बाद राष्ट्रपति शासन का कामकाज पहले जैसा नहीं रह सकता है. मुख्य रूप से और मूल रूप से, मुख्य मुद्दा एक लोकप्रिय सरकार का गठन था. राज्यपाल की प्रतिक्रिया भी अच्छी थी. बता दें कि इसी साल 13 फरवरी को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन वीरे सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हुए करीब 103 दिन बीत चुके हैं. इसके बाद आज बीजेपी की ओर से फिर से नई सरकार बनाने का दावा पेश किया गया. मणिपुर में यह सियासी हलचल ऐसे समय पर हुई है जब पीएम मोदी 29 मई को सिक्किम के भारत में शामिल होने की वर्षगांठ के अवसर आयोजित होने वाले जुबली समारोह में हिस्सा लेने के लिए नॉर्थ ईस्ट का दौरा करनेवाले हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री का 'जेड-प्लस' दर्जा बरकरार
इस बीच मणिपुर प्रशासन ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की सुरक्षा में कटौती के दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि उनके साथ तैनात केवल अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को वापस बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि सिंह को 'जेड-प्लस' सुरक्षा कवर मिलना जारी है. इस सुरक्षा के तहत घर पर स्थिर गार्ड के अलावा एक पायलट और पीछे एक सुरक्षा वाहन काफिले में शामिल होते है. अधिकारियों के अनुसार, सिंह को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा चौबीसों घंटे सुरक्षा दी जाती है, जो एक विशिष्ट केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है जो पूरे भारत में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और हाई-प्रोफाइल लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है.
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