बेटियों के हाथ पीले करने में माता-पिता को न लेना पड़े कर्ज : मंत्री सिंह
भोपाल : स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में निर्धन वर्ग के माता-पिता को बेटी के विवाह के लिये कर्ज न लेना पड़े इसके लिये राज्य सरकार ने सामूहिक विवाह सम्मेलन की व्यवस्था की है। राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिये लाड़ली बहना योजना भी संचालित कर रही है। साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह शनिवार को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में 91 जोड़ों का समारोहपूर्वक विवाह कराया गया।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत परिणय सूत्र में बंधे प्रत्येक जोड़े को गृहस्थी का सामान खरीदने 49 हजार रुपये की राशि के स्वीकृति-पत्रों का वितरण भी किया गया। यह राशि परिणय सूत्र में बंधी कन्याओं के बैंक खाते में जमा कराई जायेगी।
मंत्री सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने कैबिनेट में फैसला कर इन वैवाहिक कार्यक्रमों को और व्यवस्थित रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया है। अब कम से कम 11 और अधिकतम 200 वैवाहिक जोड़े होने पर राज्य सरकार आयोजन कर सकती है। 'बेटियों को बोझ न मानें' इसी सोच का नतीजा था कि लाड़ली लक्ष्मी, कन्या विवाह, प्रतिभा किरण, लाड़ली बहना जैसी अनेक क्रांतिकारी योजनाएं बनाकर उन्हें जमीन पर उतारा गया है। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष गाडरवारा शिवाकांत मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
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