भंडारे में बना इतिहास: 25 डिब्बा घी और 60 किलो ड्राई फ्रूट्स से 50,000 लोगों को कराया भोजन
उज्जैन: कालों के काल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में ऐसे आयोजन हमेशा होते रहते हैं जो नगर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन जाते हैं. हनुमान जयंती के अवसर पर रविवार को भी एक ऐसा ही आयोजन हुआ जिसने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. आंबापुरा के प्राचीन जयवीर हनुमान मंदिर में आयोजित भंडारे को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. भंडारे में 50 हजार लोगों ने प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया जो अपने आप में रिकॉर्ड बन गया.
50 हजार लोगों ने एक साथ किया भोजन
हनुमान जयंती के मौके पर रविवार को उज्जैन के अंबापुर में आयोजित विशाल भंडारा सिर्फ भक्ति का पर्व नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी बन गया. इस भंडारे का आयोजन जयवीर हनुमान मंदिर समिति द्वारा आयोजित किया था. समिति ने इस आयोजन को नगर भोज का नाम दिया था. यहां पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ टेबल और कुर्सी पर बैठकर मालवा के पारंपरिक व्यंजन- दाल बाफले, लड्डू और कढ़ी को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया.
20 सालों से अनवरत चल रहा ये आयोजन
दिल्ली से आई गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने इसे 'लार्ज स्केल फूड सर्विंग ऑन चेयर-टेबल' कैटेगरी में दर्ज किया. रिकॉर्ड के मुताबिक, करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस भंडारे में हिस्सा लिया. टीम के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई और जज वेदांत जोशी ने आयोजकों को रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा. संघ के आयोजक सुनील चावंड ने बताया कि "भगवान जयवीर हनुमान के प्रति हमारी श्रद्धा ही हमें बीते 20 वर्षों से ये आयोजन करवाने की प्रेरणा देती है. इस साल श्रद्धालुओं की संख्या ऐतिहासिक रही, इसलिए हमने रिकॉर्ड टीम को बुलाया था."
600 कार्यकर्ताओं ने परोसा भोजन
सुनील चावंड ने बताया कि "इस ऐतिहासिक भंडारे के लिए तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी गई. सुबह से ही 70 लोगों की टीम भोग की तैयारी में जुट गई थी. भंडारे में 45 क्विंटल बाफले का आटा, 7 क्विंटल तुअर दाल, 5 क्विंटल दही, 6 क्विंटल सूजी, 200 लीटर दूध, 25 डिब्बा देसी घी और 60 किलो ड्राई फ्रूट्स का उपयोग किया गया. भोजन परोसने के लिए 600 कार्यकर्ता लगे हुए थे.
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