मां कैलादेवी के दरबार में भक्तों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड, वार्षिक लक्खी मेले में 40 से 45 लाख भक्तों ने किए दर्शन
उत्तर भारत का प्रसिद्ध मंदिर मां कैलादेवी के दरबार में चैत्र महीने में आयोजित होने वाले विशाल लक्खी मेले का समापन विधिवत रूप से 11 अप्रैल को हो गया. इस बार मेले में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या देखी गई, जो पिछले सालों की तुलना में काफी अधिक रही. अनुमान के मुताबिक इस बार 40 से 45 लाख श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए.
आपको बता दें, राजस्थान के लघु कुंभ के रूप में प्रसिद्ध यह 17 दिवसीय मेला हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहता है. इस मेले के दौरान उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से भक्त बड़ी संख्या में मां कैलादेवी की चौखट पर हाजिरी लगाने पहुंचते हैं. सबसे खास बात यह है कि इस वार्षिक मेले में सबसे अधिक संख्या पैदल यात्रियों की होती है. हर साल लाखों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल यात्रा करते हुए मां के दरबार तक पहुंचते हैं.
चैत्र नवरात्रि में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी
इस साल मां कैलादेवी के चैत्र महीने में आयोजित होने वाले लक्खी मेले का शुभारंभ 22 मार्च से हुआ था, जिसका समापन 11 अप्रैल को विधिवत रूप से हुआ. इस बार भी मेले में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ संख्या देखी गई, जो पिछले सालों की तुलना में काफी अधिक रही. वैसे तो मेले के सभी 17 दिनों में लाखों की संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस और दुर्गाष्टमी के दिन सबसे अधिक भीड़ उमड़ी. इन दोनों विशेष दिनों पर लगभग 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए.
40 से 45 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट के परिचालन अधिकारी विवेक द्विवेदी के अनुसार, इस बार करीब 40 से 45 लाख श्रद्धालुओं ने चैत्र नवरात्रि के दौरान मां कैलादेवी के दर्शन किए हैं. उनका कहना है कि इस बार पिछले सालों की तुलना में भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने यह भी बताया कि भले ही चैत्र महीने का यह महापर्व और वार्षिक मेला अब समाप्त हो गया हो, लेकिन मां के दरबार में श्रद्धालुओं की आमद लगातार बनी हुई है. देशभर से श्रद्धालु अब भी माता रानी के दरबार में मन्नत मांगने पहुंच रहे हैं.
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