मोहन यादव सरकार में मंत्री करण सिंह वर्मा नहीं लड़ेंगे अगला चुनाव, खुद बताई वजह
भोपाल. मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अपने राजनीतिक करियर को लेकर बड़ा ऐलान किया है. करण सिंह वर्मा ने कहा कि वह अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसके लिए उन्होंने अपनी सेहत का हवाला दिया है. उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें घुटने के ऑपरेशन की सलाह दी है. करण सिंह वर्मा इच्छावर से विधायक हैं.
करण सिंह वर्मा ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए आगे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि घुटनों में दर्द रहता है. जांच कराई है डॉक्टर ने ऑपरेशन करवाने के लिए कहा है. यह बात मुक्तिधाम के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान मंच से उन्होंने कही. इच्छावर में एक करोड़ से अधिक की लागत पर मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा.
ऐसा क्या कहा कि सभा में लगने लगे ठहाके?
करण सिंह वर्मा ने कहा कि यहां की जनता की आखिरी समय तक सेवा करनी है. आगे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाउंगा. हालांकि बाद में वे बोले कि अभी मेरी उम्र ही क्या है. एक साल 4 महीने ही तो हुए हैं. पांच साल के लिए तो बना हूं. राजस्व मंत्री की बात सुन वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे. राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आपके वोट से सरकार बनती है. आपके वोट से लोकप्रिय प्रधानमंत्री बने हैं.
उन्होंने आगे किसानों की समस्या पर बात करते हुए कहा कि किसान का सोयाबीन कम दाम में बिक रहा है. इच्छावर को सुंदर बनाने का संकल्प लिया और कहा कि अंतिम सांस तक काम करूंगा. इस कार्यक्रम में बीजेपी के कई बड़े नेता शामिल थे.
1985 से विधायक निर्वाचित हो रहे हैं करण सिंह वर्मा
करण सिंह वर्मा मध्य प्रदेश के 8 बार के विधायक हैं. 1985 से 2023 के बीच करण सिंह वर्मा ने इच्छावर सीट पर केवल एक बार चुनाव नहीं जीता है. 1985 से 2008 तक छह चुनाव और फिर 2018 और 2023 का चुनाव उन्होंने बीजेपी के टिकट से जीता है.
यूपी हादसा: 4 बच्चे चढ़े टंकी पर, 3 गिरे; 2 का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप
भारत-इक्वाडोर संबंधों में नई मजबूती, दवा से डिजिटल तक समझौते
आज का बड़ा मुकाबला: PBKS vs GT, हेड टू हेड आंकड़े क्या कहते हैं