कानपुर में पिता की मौत के बाद बेटे की भी मौत, हैरान करने वाली घटना
मौत कब, कैसे और कहां आ जाए, ये तो कोई भी नहीं बता सकता और न ही सोच सकता है. ठीक ऐसा ही मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के कानपुर से, जिसे जानकर हर कोई हैरान है. किसने सोचा था कि यहां पिता की मौत के बाद उनकी डेड बॉडी ले जा रहे बेटे की भी मौत हो जाएगी. जी हां, सुनने में यह बेशक अजीब लग रहा है, लेकिन ऐसा हकीकत में हुआ है.
कानपुर के रहने वाले लईक अहमद काफी समय से बीमार थे. उनकी 20 मार्च को बीमारी के कारण अस्पताल में मौत हो गई. बेटा अतीक अपने पापा से बेइंतहां मोहब्बत करता था. इसलिए उसे किसी ने नहीं बताया कि पिता की मौत हो गई है. शव को परिवार वाले गाड़ी से घर ले जाने लगे. अतीक बाइक से उस एंबुलेंस के पीछे-पीछे चल रहा रथा, जिसमें उसके पिता का शव था. रास्ते में जैसे ही उसे पता चला कि पापा की मौत हो गई है तो उसे धक्का लगा.
हार्ट अटैक से हुई मौत
अतीक रास्ते में ही गिर पड़ा. आनन-फानन में उसे अस्पताल में ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पता चला अतीक को हार्ट अटैक आया था. इसके बाद पिता और पुत्र का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया तथा परिवार और स्थानीय लोगों ने शोक व्यक्त किया.
पापा के करीब था अतीक
परिवार के सदस्यों ने बताया कि लईक अहमद के दो बेटों में से छोटा बेटा अतीक हमेशा से अपने पिता के करीब रहा था. पिता और पुत्र के शवों को स्थानीय कब्रिस्तान में दफनाया गया. परिवार ने बताया- अतीक अपने पिता के इतना करीब था कि उनके बिना एक पल भी नहीं रह पाता था. घर में दो-दो मौत से मातम छाया हुआ है.
सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें विश्वविद्यालय : मंत्री परमार
कौशल विकास गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार : मंत्री टेटवाल
नगर पालिका जांजगीर-नैला एवं ग्राम पंचायत परसाही (नाला) में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित
सुशासन तिहार बना ग्रामीण महिलाओं की नई ताकत
आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य मंत्री जायसवाल के पुत्र के विवाह समारोह में हुए शामिल
शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा
78 साल बाद गारपा गांव में हुआ उजाला, दुर्गम वनांचल तक पहुँची बिजली
न्यूजीलैंड के विशेषज्ञों ने साझा की शहद प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक तकनीकें
माता और बहनों का सम्मान सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव