नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, मांग लिए ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स
जबलपुर : नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा संबंधित याचिका की जबलपुर हाईकोर्ट में मंगलवार को फिर सुनवाई हुई. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी व जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि मान्यता नियमों में हुए संशोधनों की ऑरिजिनल फाइलें हाईकोर्ट में पेश की जाएं. युगलपीठ ने पूर्व में जारी आदेश के बावजूद ऑरिजिनल फाइलें पेश नहीं करने पर नाराजगी भी व्यक्त की.
नर्सिंग शिक्षण मान्यता नियम में किए गए थे बदलाव
दरअसल, लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से नर्सिंग कॉलेज मामले में याचिका दायर की गई थी. नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया कि मध्य प्रदेश नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियम 2018 बनने के बाद उन नियमों में किए गए सभी संशोधनों की मूल फाइलें पेश की जाएं.
नियम संशोधन कर अपात्र कॉलेजों को पहुंचाया लाभ?
याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि तत्कालीन अधिकारियों द्वारा मान्यता नियम 2018 में 3 बार संशोधन किए गए थे. आरोप हैं कि इन्हीं नियमों में संशोधन कर अपात्र नर्सिंग कॉलेजों को भी लगातार लाभ पहुंचाया गया. वहीं, युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि अब हाईकोर्ट परीक्षण करेगा कि इन नियमों को संशोधन करने के लिए क्या-क्या वास्तविक कारण थे और किन अधिकारियों के द्वारा मान्यता नियमों में बदलाव प्रस्तावित किए गए.
हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने सरकार को नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता व नियम संशोधन से जुड़ी मूल फाइलें पेश करने को कहा था, जिसपर सरकार की ओर से और समय प्रदान करने का आग्रह किया गया. इस पर युगलपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अगली सुनवाई के दौरान हर हाल में आदेश का पालन करने को कहा है. याचिका पर अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी.
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