व्यवहार न्यायालय बगीचा में राष्ट्रीय लोक अदालत सम्पन्न, 430 प्रकरणों का हुआ निराकरण
जशपुरनगर : बगीचा न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी / तालुका विधिक सेवा समिति बगीचा अध्यक्ष कामिनी वर्मा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर पक्षकारों के बीच समझाइश कराकर और राजीनामे के आधार पर 41 लंबित प्रकरण एवं प्री-लिटिगेशन के 389 प्रकरणों का निराकरण किया गया। तालुका विधिक सेवा समिति बगीचा अध्यक्ष कामिनी वर्मा ने बताया कि माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर जिला जशपुर छ०ग० मन्सूर अहमद व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जशपुर जिला जशपुर (छ०ग०) के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस दौरान न्यायालय में लंबित 41 प्रकरण, बैंक के 29 प्रकरण, ट्रैफिक चालान 335 प्रकरण, आबकारी अधिनियम के कुल 25 प्रकरण इस प्रकार कुल 430 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस अवसर पर पक्षकारों से बकाया राशि बैंक द्वारा राशि 17,66,670/- रुपये की वसूली की गयी। नेशनल लोक अदालत आयोजित किए जाने से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में कमी आई।
नेशनल लोक अदालत में चेक बाउंस के प्रकरणों का निपटारा प्रस्तुत प्रकरण थाना कांसाबेल क्षेत्र के हैं जिसमें प्रार्थी द्वारा आरोपी के विरूद्ध वर्ष 2022 में 50 हजार रुपये का मामला प्रस्तुत किया गया जिसमें पक्षकारगण वर्ष 2022 से लगातार न्यायालय में उपस्थित होते रहें। इसी दौरान पीठासीन अधिकारी एवं उनके अधिवक्तागण द्वारा प्रकरण में राजीनामा की चर्चा किये जाने पर पक्षकारगण आपस में राजीनामा होकर प्रकरण की कार्यवाही समाप्त किया गया।
मारपीट के मामले का निराकरण एक ऐसा ही मामला थाना बगीचा क्षेत्र का है, जहां प्रार्थी और आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं। आरोपी द्वारा किसी बात को लेकर प्रार्थी के साथ अश्लील गाली गलौज कर मारपीट की थी, जिसके पश्चात प्रार्थी द्वारा थाना में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने पर वर्ष 2022 में मामला न्यायालय में समक्ष पहुंचा था। चूंकि पक्षकारगण एक ही गांव के होने के कारण पीठासीन अधिकारी द्वारा आपस में राजीनामा कराकर उनके मध्य की कटुता एवं दुश्मनी को समाप्त कर आपसी प्रेम एवं भाईचारे पूर्वक रहने की सलाह देते हुए प्रकरण की कार्यवाही समाप्त किया गया। राजीनामा होने से उनके मध्य आपसी शत्रुता समाप्त होने के साथ-साथ समय, धन एवं श्रम की बचत होने की बात कही।
नेशनल लोक अदालत में आसानी से मिलता है न्याय-तालुका विधिक सेवा समिति बगीचा अध्यक्ष कामिनी वर्मा ने बताया कि लोक अदालत लोगों को शीघ्र एवं सस्ता न्याय उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम एवं विवादों को आपसी समझौते के आधार पर सुलझाने के लिए वैकल्पिक मंच है। न्यायालय में लंबित प्रकरणों में राजीनामा के आधार पर पक्षकारों के मध्य राजीनामा के आधार पर अधिक व्यक्ति को लाभान्वित किया जाना होता है। पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह होने से उनके मध्य आपसी सद्भाव उत्पन्न होता है व शत्रुता समाप्त होकर समय, धन एवं श्रम की भी बचत होती है तथा उनके मध्य लंबे समय से चल रहे विवाद हमेशा के लिए भी समाप्त हो जाता है। नेशनल लोक अदालत में आदेश/अवार्ड का फल पक्षकार को तत्काल मिलता है। नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु पीठासीन अधिकारी, अधिवक्ता संघ बगीचा के अधिवक्तागण लोक अदालत खंडपीठ के सदस्य रामाधार गुप्ता एवं धनेश्वर यादव तथा विभिन्न विभागों से आए हुए अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहे एवं न्यायालयीन कर्मचारियों का भी सराहनीय सहयोग रहा।
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