इंदौर बीआरटीएस हटाने का काम शुरू, कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई
इंदौर: इंदौर में 300 करोड़ रुपए की लागत से बने बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) को हटाने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में इसे जीपीओ से शिवाजी वाटिका तक हटाया जाना है। सबसे पहले बस लेन की रेलिंग हटाई गई।
आपको बता दें कि बीआरटीएस को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। दोनों याचिकाएं हाईकोर्ट की मुख्य बेंच में ट्रांसफर कर दी गई थीं, गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट ने बीआरटीएस हटाने का आदेश दिया था। उसके बाद शुक्रवार देर रात इंदौर में जीपीओ से शिवाजी वाटिका तक बीआरटीएस हटाने का काम शुरू हुआ। निगम की रिमूवल टीम ने रेलिंग उखाड़ दी। अब यहां सड़क तो चौड़ी होगी, लेकिन बसें मिक्स लेन में चलेंगी।
जहां ट्रैफिक का दबाव ज़्यदा, वहा से पहले हटेगा
निगम ने तय किया है कि जहां ट्रैफिक का दबाव है, वहां सबसे पहले रेलिंग हटाने का काम किया जा रहा है। सबसे पहले शिवाजी वाटिका तक बीआरटीएस हटाया जा रहा है। देर रात 11:45 बजे इंदौर में बीआरटीएस हटाने का काम शुरू किया गया। महापौर ने बातचीत में बताया कि बीआरटीएस हटने के बाद बसें सड़क के दोनों ओर बायीं ओर चलेंगी। सड़क के दोनों ओर बस स्टैंड भी बनाए जाएंगे। पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद सड़क को ठीक से बनाना होगा। इस काम के लिए कम से कम चार महीने का समय प्रस्तावित है। यह सारा खर्च निगम उठाएगा।
'सिर्फ गुस्सा नहीं, ठोस कदम जरूरी', शिक्षा मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
निशातपुरा स्टेशन तैयार, 26 जुलाई से तीन ट्रेनों के साथ शुरू होगी नई यात्रा
CJP हिंसा पर सख्त कार्रवाई, उपद्रवियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR
मध्य प्रदेश में जीवनरक्षक कानून लागू, शहर-गांव के लिए तय हुई गोल्डन टाइम सीमा
48 घंटे में बदला छात्र आंदोलन का पूरा घटनाक्रम, CJP प्रदर्शन बना सियासी मुद्दा
इंदौर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, टंट्याभील चौराहे पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जुटी भीड़