खरमास कब से लग रहा है? एक महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य, जानें कब होगा समापन
खरमास यानि कि अशुभ मास या महीना. खरमास के समय में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं क्योंकि इसमें सूर्य की प्रभाव कम हो जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, सूर्य देव जब भी देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में गोचर करते हैं तो उस समय खरमास लगता है. यह पूरे एक महीने चलता है. एक साल में 2 बार खरमास लगता है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, एक खरमास मार्च से अप्रैल के बीच लगता है, तो दूसरा खरमास दिसंबर से जनवरी के बीच लगता है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि मार्च 2025 में खरमास कब लग रहा है? खरमास का समापन कब होगा?
2025 में खरमास कब से है?
इस साल 2025 में खरमास का प्रारंभ मीन संक्रांति के दिन से होगा. पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 14 मार्च को शाम में 6 बजकर 59 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे. यह सूर्य की मीन संक्रांति होगी. सूर्य के मीन में प्रवेश करते ही खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. इस आधार पर हम कह सकते हैं कि मार्च 2025 में खरमास 14 मार्च से लग रहा है. उस दिन होली भी है. होली से खरमास शुरू हो रहा है.
फाल्गुन पूर्णिमा पर खरमास
इस साल खरमास के पहले दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि है. उस दिन पूर्णिमा का स्नान और दान होगा. लोगों के मन में सवाल होगा कि खरमास में शुभ कार्य नहीं करते हैं तो फिर स्नान, दान और पूजा पाठ कैसे होगा? आपको बता दें कि खरमास में स्नान, दान, पूजा पाठ आदि पर कोई रोक नहीं होता है.
खरमास कब खत्म होगा 2025?
14 मार्च को लगने वाला खरमास मेष संक्रांति के दिन खत्म होगा. सूर्य देव जब मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे, उस समय सूर्य की मेष संक्रांति होगी. पंचांग के अनुसार, इस साल 14 अप्रैल 2025 को सूर्य देव मेष राशि में तड़के 03 बजकर 30 मिनट पर गोचर करेंगे, उस समय मेष संक्रांति होगी.
इस तरह से देखा जाए तो मार्च 2025 का खरमास 14 अप्रैल को खत्म होगा. खरमास के समापन दिन हिंदू कैलेंडर का दूसरा माह वैशाख शुरू होगा. उस दिन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी.
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खरमास में क्या न करें?
1. खरमास के समय में विवाह, सगाई, मुंडन, उपनयन संस्कार आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.
2. खरमास के वक्त बेटी या बहू की विदाई नहीं की जाती है.
3. खरमास के समय में कोई भी नए काम की शुरूआत नहीं करते हैं. जैसे नया बिजनेस या नए मकान की शुरुआत नहीं करते हैं.
4. खरमास में गृह प्रवेश करना भी अशुभ माना जाता है.
5. पूरे खरमास में प्याज, लहसुन, मांस, मछली, शराब आदि जैसी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
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