महाशिवरात्रि पर शंकर भगवान को भांग, धतूरा और बेलपत्र क्यों चढ़ाते हैं? इसके पीछे जुड़ी है ये पौराणिक कथा
देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि के दिन शिव भक्त भोले भंडारी और मां पार्वती की पूजा-अराधान करते हैं. व्रत रखते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संसार को सर्वनाश से बचाने के लिए भोलेनाथ ने विष पी लिया था. तब इस जहर के असर को कम करने के लिए देवताओं ने उनके सिर पर भांग, बेलपत्र और धतूरा रख दिया. ऐसा करते ही जहर का असर कम होने लगा. तब जाकर शिव जी को शीतलता प्राप्त हुई. इस घटना के बाद से ही शिव जी को भांग, बेलपत्र, धतूरा चढ़ाया जाने लगा. सावन का सोमवार हो या फिर महाशिवरात्रि ये तीनों चीजें जरूर अर्पित की जाती हैं.
क्या है पौराणिक कथा?
भगवान शिव को भांग, धतूरा, आक और बेलपत्र अर्पित करने के पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है. शिव महापुराण के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया, तो उसमें से पहले हलाहल विष निकला. यह विष इतना जहरीला था कि इसकी गर्मी से पूरी सृष्टि जलने लगी थी. देवता और असुर इस विष से भयभीत हो गए और इसका नाश करने का कोई उपाय नहीं दिखा. तब भगवान शिव ने समस्त सृष्टि की रक्षा के लिए इस विष का पान कर लिया. हालांकि, उन्होंने इसे अपने कंठ में ही रोक लिया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया. इस वजह से ही भोलेनाथ नीलकंठ कहलाए. जहर के असर को शरीर में संतुलित करने के लिए शिव जी को ठंडी चीजें पसंद आईं. इन ठंडी चीजों में शामिल थीं भांग, धतूरा, आक और बेलपत्र. दरअसल, इन सभी चीजों का स्वभाव शीतल होता है. इसी कारण शिवलिंग पर इन्हें अर्पित किया जाता है.
भगवान शिव को भांग और धतूरा चढ़ाने के पीछे एक और गहरा अर्थ छिपा है. ये दोनों वस्तुएं नशीली और जहरीली मानी जाती हैं. इन्हें शिव को चढ़ाने का अर्थ ये है कि हमें अपने जीवन की सारी नकारात्मकता, बुरी आदतें और कड़वाहट को शिव को समर्पित कर देना चाहिए. इसका प्रतीकात्मक अर्थ ये है कि लोगों को अपनी सभी बुरी भावनाओं और नकारात्मक विचारों का त्याग कर अपने जीवन को शुद्ध और शांत बनाना चाहिए. भांग और धतूरा शिव के प्रति हमारी समर्पण भावना और बुराइयों से मुक्ति का संकेत देते हैं.
क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध? NEET विवाद पर राहुल गांधी की बैठक से बढ़ी सियासी हलचल
CJP प्रदर्शन पर सरकार का रुख साफ, बोली- बातचीत के लिए हमेशा तैयार, 24 घंटे में दिए 4 प्रस्ताव
मस्जिद में मासूम से कथित वारदात, आरोपी मौलाना पर FIR; जांच शुरू
शिक्षा पर सरकारी खर्च का रिपोर्ट कार्ड, मोदी सरकार के 12 साल के आंकड़े क्या कहते हैं?
ट्रेन लेट हुई तो यात्रियों का फूटा गुस्सा, झाबुआ में रेलवे ट्रैक पर दिया धरना
हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य का PM मोदी से आग्रह, बोले- युवाओं से सीधे जुड़ें
वकील दंपती के साथ कथित जातीय भेदभाव, ₹35 हजार जुर्माना और सामूहिक दावत का दबाव
छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड, आर. माधवन और आलिया भट्ट समेत कई सितारों ने रखी अपनी बात