कांग्रेस में गहराती जा रही है दरार.. फिर छिड़ा संग्राम, निकाय चुनाव में मिली करारी हार से आरोप प्रत्यारोप का दौर हुआ शुरू
बिलासपुर। कोटा के विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह बेलगाम हो चुके हैं और संगठन की शक्ति का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने जिला अध्यक्ष के खिलाफ जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि जिला अध्यक्ष अनुशासनहीनता के नाम पर निष्कासन की अनुशंसा कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विजय केसरवानी ने उनके खिलाफ मीडिया में बयान देकर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है। अटल श्रीवास्तव ने जोर देते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष की मनमानी से कांग्रेस कमजोर हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को पार्टी फोरम में उठाएंगे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। इसके साथ ही विधायक ने उन मीडिया रिपोट्र्स को भी गलत बताया, जिनमें यह कहा गया था कि कलेक्टर को चपरासी के जरिए हटाए जाने की बात हुई थी। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर भी अटल श्रीवास्तव ने संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बार-बार प्रत्याशियों की सूची बदली गई, जिससे पार्टी की छवि को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने पूछा, आखिर किसके आदेश पर टिकटों में बदलाव किया गया? उन्होंने कहा कि गलत टिकट वितरण के कारण कई प्रत्याशी नाराज हो गए, जिससे कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 10 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। अटल श्रीवास्तव ने मांग की कि इस हार के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोटा के विधायक अटल श्रीवास्तव के बंगले पर आज बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुटे। समर्थकों ने जिला अध्यक्ष द्वारा विधायक के निष्कासन की अनुशंसा पर कड़ी नाराजगी जताई। इस घटनाक्रम से कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। संगठन और विधायक खेमे के बीच टकराव के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि जिला अध्यक्ष के फैसले से कांग्रेस कमजोर हो रही है। इस विवाद ने कांग्रेस संगठन में गहरी दरार को उजागर कर दिया है। एक तरफ विधायक अटल श्रीवास्तव और उनके समर्थक हैं, तो दूसरी तरफ जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी का खेमा। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मामले में क्या फैसला लेता है। क्या जिला अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई होगी, या यह टकराव और गहराएगा? यह मामला अब पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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