शिवपुरी के आयकर अधिकारी ने दहेज को ठुकरा कर एक रुपये से किया सगाई का आयोजन
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक इनकम टैक्स ऑफिसर ने ऐसा काम किया, जिसकी लोग खूब सराहना कर रहे हैं, जहां आज भी लोग दहेज के नाम लाखों रुपये की मांग करते हैं. वहीं उन्होंने शगुन के तौर पर मिले लाखों रुपयों को भी ठुकरा दिया. उन्होंने शगुन का महज एक रुपया रखा और बाकी पैसे ससुरालियों को वापस लौटा दिए. उनके इस काम की लोगों ने खूब तारीफ की. शिवपुरी के सिया मैरिज गार्डन में मंगलवार को आयोजित एक फलदान कार्यक्रम के दौरान इनकम टैक्स ऑफिसर दूल्हे ने दहेज के खिलाफ आज की युवा जनरेशन को एक अहम संदेश दिया. उन्होंने अपनी सगाई समारोह के दौरान आए 5 लाख 51 हजार रुपए में से सिर्फ शगुन के रूप में एक रुपया कुबूल किया. इनकम टैक्स ऑफिसर ने कहा कि वह समाज में दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा के खिलाफ हैं. इसलिए वह इस रकम को स्वीकार नहीं कर सकते. उन्होंने सगाई की रस्म और गांव की परंपरा को निभाते हुए 5,51000 में से सिर्फ एक रुपया कुबूल कर रीति रिवाज के अनुसार सगाई संपन्न की.
18 फरवरी को हुई सगाई
दरअसल ये मामला शिवपुरी के ग्राम पोहरी विधानसभा के ठेह गांव का है, जहां रहने वाले बीरेंद्र सिंह धाकड़ के छोटे बेटे रविंद्र सिंह धाकड़ की सगाई थी, जो इनकम टैक्स ऑफिसर के पद पर दिल्ली में पदस्थ हैं. उनकी सगाई जूली धाकड़ पुत्री आनंद धाकड़ निवासी के साथ 18 फरवरी को हो रही थी, जो ठर्रा बैंक ऑफ इंडिया में (CA) के पद पर दिल्ली में पदस्थ हैं. तभी रविंद्र सिंह धाकड़ ने ससुराल से आए 5 लाख 51 हजार के टीका थाल को लौटा दिया.
नोटों से भरा थाल वापस किया
रविंद्र सिंह धाकड़ ने सगाई की रस्म को पूरी करने के लिए ससुराल पक्ष से आए 5,51000 के नोटों से भरे थाल को वापस कर दिया और सिर्फ एक रुपया स्वीकार किया.इसके बाद जैसे ही उन्होंने कहा कि वह दहेज के खिलाफ हैं. वैसे ही वहां मौजूद शादी-सगाई समारोह में आए रिश्तेदारों ने खूब तालियां बजाईं. लोगों ने न सिर्फ उनके इस फैसले को सराहा, बल्कि दहेज प्रथा के खिलाफ युवाओं के लिए एक संदेश भी बताया.
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