मॉडल इलेक्ट्रिकसिटी के रूप में डेवलप होंगे इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन
भोपाल। इन्वेटर्स समिट से पहले मोहन केबिनेट ने दी सात पॉलिसी को मंजूरी, मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों को मॉडल इलेक्ट्रिकसिटी के रूप में डेवलप किया जाएगा। इन शहरों में ज्यदा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाया जाएगा ताकि वायु प्रदूषण न फैले। इसके लिए सरकार ई व्हीकल रजिस्ट्रेशन में 15 से लेकर 80 प्रतिशत तक छूट देने की योजना बना रही है। इसके साथ ही केबिनेट बैठक में सात पॉलिसीज को मंजूरी दी गई । नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट बैठक में इन पॉलिसी को मंजूरी मिली ...
एमपी इलेक्ट्रिक वाहन नीति :
वाहनों के चार्जिंग स्टेशन बनाने सब्सिडी दी जाएगी। पेट्रोल पम्प पर ही चार्जिंग स्टेशन बनाने की अनुमति दी जाएगी। दो साल के भीतर प्रदेश के सभी सरकारी वाहन को ईवी में कन्वर्ट किया जाएगा।
इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2025 :
अभी तक टाउनशिप काटने का काम बिल्डर, कॉलोनाइजर करते हैं। इस पालिसी में समूह यह काम कर सकता है। किसान अगर मिलकर एक एकड़ में टाउनशिप बनाना चाहते हैं तो सरकार इसमें सहयोग करेगी।
एमएसएमई के विकास संबंधित नीति को मंजूरी
एमएसएमई के विकास संबंधित नीति को मंजूरी दी गई है। एमएसएमई इंडस्ट्री में प्रदूषण कम होता है और रोजगार भी मिलता है। वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई की पालिसी बनाई गई है।
स्टार्ट अप के लिए मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर खोलेंगे
कैबिनेट में स्टार्ट अप नीति को भी मंजूरी दी गई है। मेगा इन्क्यूबेशन सेंटर खोले जाएंगे। अभी 5 हजार स्टार्ट अप हैं। इसे आने वाले समय में दस हजार स्टार्ट अप तक ले जाने का काम किया जाएगा। इसके लिए इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। प्राप्त निवेश पर ऋण सहायता दी जाएगी।
विमानन नीति; हर 150 किमी पर एक एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा
पर्यटन को आकर्षित करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए नगर विमानन नीति बनाई गई है। हर 150 किमी पर एक एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा ।
अविकसित भूमि आवंटन नीति
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए अविकसित भूमि आवंटन नीति भी मंजूर की गई है। पात्र, मध्यम और विशेष परिस्थिति में यह आवंटन किया जाएगा।
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