नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़, अब तक 18 लोगों की मौत
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में घायल हुए यात्री मदद के लिए इधर-उधर भटक रहे थे, तो दूसरी तरफ घायल दर्द से चीख रहे थे। अपनों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वजन मददगार ढूंढ रहे थे। लेकिन, आलम यह था कि उन्हें न तो मदद के लिए जवान मिल रहे थे और न ही कहीं एंबुलेंस मिली। ऐसे में कोई पैदल तो कोई निजी वाहनों से अपनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश में जुटा हुआ था। ये हालात तब थे, जबकि प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों को लेकर स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से लगातार भीड़ बढ़ रही थी। लापरवाही का आलम यहां तक था कि भगदड़ से घायल हुए लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं थे, जिससे कई लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके।
कहां जाने के लिए जुटी थी भीड़?
प्रशासन भी तब जागा जब लोकनायक अस्पताल में पहुंचने वाले घायलों में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई। हादसे के कारणों को लेकर जुटाई गई जानकारी में सामने आया है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन शाम को आठ बजे के बाद प्रयागराज के लिए अधिकतर ट्रेनें रवाना होती हैं।
पीएम मोदी ने लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से दुख पहुंचा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से दुख पहुंचा है.""मेरी सहानुभूति उनके साथ है जिन्होंने अपनों को खो दिया. घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. प्रशासन भगदड़ से प्रभावित होने वालों का पता लगा रहा है."सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लिखा कि वो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे से काफ़ी दुखी हैं.उन्होंने कहा, "उन्हें इस बात से आघात पहुँचा है कि रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर भगदड़ की वजह से जानें गई हैं. दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं." वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी व अन्य संबंधित अधिकारियों से बात की.""दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर सभी को हर संभव सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए. इस दुर्घटना में जान गँवाने वाले लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ. घायलों को हर संभव उपचार दिया जा रहा है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ."
वो 3 बड़े कारण... जिससे हालात बिगड़े और जानें गईं
- प्रयागराज स्पेशल ट्रेन, भुवनेश्वर राजधानी और स्वतंत्रता सेनानी एक्स. तीनों ही प्रयागराज जाने वाले थीं। दो ट्रेनें भुवनेश्वर राजधानी और स्वतंत्रता सेनानी लेट थीं। इन तीनों ट्रेनों की भीड़ प्लेटफॉर्म-14 पर थी। जब प्रयागराज स्पेशल ट्रेन यहां पहुंची, तभी अनाउंस हुआ कि भुवनेश्वर राजधानी प्लेटफॉर्म नं. 16 पर आ रही है। सुनते ही 14 पर मौजूद भीड़ 16 की तरफ भागी।
- कई लोग टिकट काउंटर पर थे। इनमें 90% प्रयागराज जाने वाले थे। अचानक ट्रेन आने का अनाउंसमेंट हुआ तो लोग बिना टिकट प्लेटफार्म की तरफ भागे। इससे भगदड़ मची।
- दो वीकेंड से कुंभ जाने वालों की भीड़ हो रही थी, पर स्टेशन प्रशासन ने कोई कंट्रोल रूम नहीं बनाया। शनिवार को भी शाम 7 बजे से भीड़ बढ़ने लगी थी, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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