पंचायत चुनाव के लिए लाए जा रहे अवैध शराब के जखीरे का पर्दाफाश, 466 पेटी शराब जब्त, 4 आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पंचायत चुनाव के दौरान शराब खपाने की साजिश को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डांडेसरा गांव में धान के खेतों के बीच छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने देर रात करीब 3 बजे छापेमारी कर 361 पेटी शराब जब्त की और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी धनराज निषाद और विजय निषाद का संबंध डांडेसरा और नगपुरा से है। इसके अलावा, पुलिस ने मोहन नगर थाना क्षेत्र में भी एक माजदा वाहन से 80 पेटी शराब बरामद की, जिसे कृषि उपज मंडी से लोड किया गया था। वाहन चालक को मौके पर गिरफ्तार किया गया। नगपुरा से वासुदेव चन्द्राकर के पास से 25 पेटी गोवा शराब भी जब्त की गई, और भिलाई-3 के निवासी महेंद्र चन्द्राकर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, यह शराब पंचायत चुनाव में खपाने के लिए लाई गई थी। शराब की बोतलों पर कोई पैकेजिंग जानकारी नहीं थी, लेकिन 80 पेटी में मध्यप्रदेश और 361 पेटी रॉयल ब्लू शराब पर गोवा का पता लिखा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शराब कहां से मंगाई गई थी और इसके सप्लायर कौन थे। पुलिस की सख्त निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप यह बड़ी खेप जब्त की जा सकी। पिछले पांच दिनों में जिले में करीब एक हजार पेटी अवैध शराब बरामद की गई है, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, मुख्य आरोपी पंकज निषाद और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है।
टीवीके की बढ़त से तमिलनाडु में हलचल, विजय के घर के बाहर जुटी भीड़
नरेंद्र मोदी पर सवाल, बंगाल को छोड़ कहीं पांच बार भी नहीं गए
हंटावायरस संक्रमण क्या है? कैसे फैलता है और क्या हैं संकेत
चेन्नई की मुश्किलें बढ़ीं, नए खिलाड़ी की चोट से टीम को नुकसान
क्रिकेट से मजबूत रिश्ते, भारत ने जमैका को दिया खास तोहफा
उमरेठ उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, हर्षद परमार 30,500 वोटों से विजयी
ओंकारेश्वर में अनोखी पहल, आटे के दीपकों से दीपदान
PSL ट्रॉफी के बाद बाबर का बयान, तीनों फॉर्मेट पर साफ किया रुख
डॉक्टर की सलाह: अस्थमा फैमिली हिस्ट्री में हो तो बच्चों का रखें खास ख्याल
एम. के. स्टालिन पर मनोज तिवारी का हमला, बोले- सनातन विरोधियों को जनता ने नकारा