यातायात संबंधी समस्याओं के कारण महाकुंभ जिले को 'नो व्हीकल जोन' घोषित किया गया
प्रयागराज: माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाकुंभ स्नान के लिए यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मेला क्षेत्र को आज सुबह 4 बजे से नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। इस दौरान आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के अलावा किसी अन्य वाहन को मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
मेला क्षेत्र और शहर में नो व्हीकल जोन
12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन स्नान को देखते हुए प्रशासन ने सख्त यातायात नियम लागू किए हैं। मेला क्षेत्र को आज सुबह 4 बजे से नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। इसके तहत केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी गई है। इसके अलावा प्रयागराज शहर में भी शाम 5 बजे से नो व्हीकल जोन लागू हो गया है। यह व्यवस्था 13 फरवरी की सुबह तक जारी रहेगी।
बाहरी वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और उनके वाहनों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है। शहर के बाहर 36 पार्किंग क्षेत्र बनाए गए हैं, जहां वाहनों को पार्क किया जा सकेगा। इन पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए शटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कल्पवासियों के लिए खास नियम
कल्पवासियों के वाहनों के प्रवेश और निकास पर भी नो व्हीकल नियम लागू रहेगा। उन्हें अपने वाहन भी निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करने होंगे। इसके अलावा कल्पवासियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
ट्रैफिक जाम की स्थिति
पिछले 3 दिनों में प्रयागराज में करीब 15 लाख वाहन पहुंचे हैं, जिसके चलते शहर के हर एंट्री प्वाइंट पर 20 किलोमीटर तक का ट्रैफिक जाम देखने को मिला है। इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कुंभ मेले की व्यवस्था संभालने के लिए 52 नए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भेजा है।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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