हमास ने रेड क्रॉस को सौंपे दो बंधक, मार्च तक युद्धविराम का पहला चरण जारी रहेगा
इस्राइल के साथ युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने दक्षिणी गाजा पट्टी में दो बंधकों को रेड क्रॉस को सौंप दिया। इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी से शुरू हुए इस युद्ध विराम का उद्देश्य इस्राइल और हमास के बीच घातक और विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करना है। बता दें कि इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम का पहला चरण मार्च की शुरुआत तक चलेगा, जिसमें हमास इस्राइल के 33 बंधकों को रिहा करेगा। इसके बदले में इस्राइल करीब दो हजार फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार हुआ है।
हमास ने अमेरिकी इस्राइली बंधक कीथ सीगल को रेड क्रॉस को सौंप दिया। वे इस्राइल के साथ युद्धविराम समझौते के तहत शनिवार को रिहा किए जाने वाले तीसरे बंधक हैं। इससे पहले, आतंकवादियों ने दक्षिणी गाजा पट्टी के खान यूनिस शहर में 35 वर्षीय यार्डन बिबास और 54 वर्षीय फ्रांसीसी-इजरायली ओफर काल्डेरोन को रेड क्रॉस को सौंप दिया था।
हमास और इस्राइल के बीच युद्धविराम समझौता
इस युद्धविराम के दौरान पहले तीन बंधकों को रिहा किया गया था, जिसके बदले में इस्राइल की तरफ से पकड़े गए 90 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था। इसके बाद हमास ने आठ बंधकों को रिहा किया, जिसमें तीन इस्राइली और पांच थाईलैंड के नागरिक शामिल हैं। बदले में इस्राइल ने भी 110 फलस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया।
15 महीने तक चला युद्ध
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे। हमास ने करीब ढाई सौ लोगों को बंधक बना लिया था। इसके बाद इन्हें गाजा ले जाया गया। इसके जवाब में इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू किए। इस्राइली हमलों में 46,000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। इस युद्ध के कारण गाजा पट्टी की 90 फीसदी आबादी को विस्थापन का सामना करना पड़ा है। वहीं, लोगों के सामने भुखमरी का संकट भी खड़ा हो गया। इस्राइल द्वारा रिहा किए जाने वाले कैदियों में से कई ऐसे हैं, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इस्राइल के करीब 90 बंधक अभी भी हमास की कैद में हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से एक तिहाई की मौत हो चुकी है।
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