राजधानी में भीख मांगना पड़ा महंगा, भिखारी के खिलाफ FIR हुई दर्ज, जानिए क्या है पूरा मामला
भोपाल । राजधानी में एक भिखारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का मामला चर्चा में है। भोपाल में एक भिखारी के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। यह एफआईआर मध्यप्रदेश भिक्षा वृद्धि निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्र के अनुसार, भीख मांगना समाज के लिए अपराध है, और पुलिस इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। यह एफआईआर MP नगर थाने में रितिक नामक भिखारी के खिलाफ दर्ज की गई, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
क्या है अभियान?
यह एफआईआर एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसमें मध्यप्रदेश के मेट्रोपोलिटिन शहरों को भिखारी मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस बार-बार भीख मांगने वालों को समझा रही थी, लेकिन जब समझाइश का असर नहीं हुआ, तो प्रशासन ने अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
मध्यप्रदेश भिक्षा वृद्धि निवारण अधिनियम क्या है?
मध्यप्रदेश भिक्षा वृद्धि निवारण अधिनियम एक कानून है जिसके तहत भिखारी और भिक्षावृति को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून के तहत भिखारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
भोपाल में भिखारी के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की गई?
भोपाल में भिखारी रितिक के खिलाफ एफआईआर इसलिए दर्ज की गई क्योंकि वह लगातार भीख मांगने के लिए नियमों का उल्लंघन कर रहा था, और प्रशासन की बार-बार समझाईश के बावजूद उसने सुधरने की कोशिश नहीं की।
मध्यप्रदेश में भिखारी मुक्त अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य मध्यप्रदेश के मेट्रोपोलिटिन शहरों को भिखारी मुक्त बनाना है। पुलिस और प्रशासन भिखारियों को समझा रहे हैं और यदि वे नहीं मानते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
क्या इस तरह के मामलों में गिरफ्तारी हो सकती है?
जी हां, मध्यप्रदेश भिक्षा वृद्धि निवारण अधिनियम के तहत, यदि भिखारी लगातार भीख मांगता है और कानून की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी हो सकती है, जैसे कि इस मामले में रितिक के साथ हुआ।
पुलिस किस प्रकार से भिखारियों पर निगरानी रखती है?
पुलिस चौक चौराहों पर लगातार जांच कर रही है, और भिखारियों को समझाने के बाद, यदि वे सुधरते नहीं हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।
मुख्यमंत्री आज निवाड़ी में देंगे 193 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
ई-मोबिलिटी की ओर भोपाल का बड़ा कदम, 10 नई ई-बसें सोमवार से शुरू
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देना चाहते थे! छात्र आंदोलन पर बीजेपी नेता का बड़ा खुलासा
टैंक में जहरीली गैस से मची त्रासदी, ग्रेटर नोएडा में दो लोगों की मौत