मेरठ में पूर्व प्रधान की हत्या का खुलासा, दामाद ने दी थी सुपारी
मेरठ: मेरठ के हुई पूर्व प्रधान की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या के लिए 70 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी. वहीं, सुपारी देने वाला कोई और नहीं बल्कि मृतक का दामाद ही था. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. आरोपी दामाद ने बताया कि सास उसे पिछले काफी समय से परेशान कर रही थी. मेरठ के भोला गांव की पूर्व प्रधान सोहनबीरी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. पुलिस ने हत्या करने वाले सुपारी देने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि मृतक के दामाद दीपक ने अपने भाई संदीप के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी. दोनों भाईयों ने उधार के 70 हजार चुकाने के एवज में हरविंद्र मलिक और उसके बेटे अनुज को हत्या की सुपारी दी थी.
तीन टीमों का किया गया था गठन
8 जनवरी दो नकाबपोश बदमाशों ने सोहनबीरी की गोली और चाकू मारकर हत्या कर दी थी. घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दामाद दीपक सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. SSP ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया था. शुक्रवार को पुलिस सरधना फ्लाईओवर के पास टीम चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार युवक को रोकने के लिए कहा.
हत्या की बात कबूली
पुलिस को देख युवक ने तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी. पुलिस ने मामले भी में जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी पर गोली चला दी, जिसमें एक गोली युवक के पैर में लग गई. पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की पूछताछ में बदमाश ने अपना अनुज मलिक बताया, जो कि भगवानपुर बांगर का रहने वाला था. अनुज ने दीपक और संदीप के कहने पर पूर्व प्रधान की हत्या की बात कबूल कर ली.
70 हजार चुकाने के लिए की हत्या
आरोपी ने बताया कि 70 हजार रुपये की उधारी चुकाने के लिए पिता हरविंद्र के साथ मिलकर पूर्व प्रधान सोहनबीरी की हत्या की थी. पुलिस की पूछताछ में आरोपी दामाद दीपक ने बताया कि सास बहुत ही ज्यादा प्रताड़ित करती थी. ताने मार-मारकर जलील करती थी. वह मुझे भिजवाने की धमकी देती थी. दीपक का कहना है कि इस वजह से उसका पत्नी से विवाद रहने लगा था. इस कारण से दीपक को अपना घर छोड़कर गाजियाबाद गांव में रहना पड़ रहा था. आरोपियों ने बताया कि दीपक ने कहा था कि या तो मेरे 70 हजार रुपये वापस करो या फिर सोहनबीरी की हत्या कर दो. पैसे नहीं होने के कारण अनुज और उसके पिता ने सोहनबीरी कर दी थी.
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